Share Market Ko Kaise Samjhe Hindi |How to understand stock trend without chart

How to understand stock trend without chart |Share Market Ko Kaise Samjhe Hindi :- ज्ञान की बाते क्या है? ज्ञान की बातें मतलब होता है कि यहां हम चार्ट ओपन नही करेंगे। और बिना चार्ट ओपन किये Analysis पर चर्चा करेंगे। मतलब की दोस्तों आज हम इस लेख में कुछ जरूरी कंटेंट के ऊपर बात करेंगे जिनके बारे में आपको पता होना बेहद जरूरी है। तो चलिये जानते है –

बिना चार्ट के stock trend को कैसे समझे

ज्ञान के बातें

दोस्तो जब भी आप शेयर मार्केट में आप ट्रेड करने के बारे में सोचते है या फिर शेयर मार्केट में निवेश करने के बारे में सोचते है। सो इसलिए आज हम निवेश और ट्रेड दोनों के बारे में विस्तार से चर्चा करेंगे निवेश मतलब आप शेयर मार्केट में निवेश कुछ हफ़्तों, दिनों के लिए निवेश करते है तो वह सेंटेंट हो सकते है, या फिर कॉन्स्टेंट हो सकते है। अब जैसा कि जब आप ट्रेड करते है तो ट्रेड करने से पहले आप स्टॉक सिलेक्शन में हर जाते है जैसे कि कौन सा स्टॉक सेलेक्ट करे कौन सा स्टॉक अच्छा है, किंस बेस पर स्टॉक को सेलेक्ट करूँ। क्योंकि दोस्तों अगर स्टॉक चुनने में गलती हो जाती है तो शेयर मार्केट से सिर्फ आपको नुकसान ही नुकसान का सामना करना पड़ेगा। तो दोस्तों इसलिए आज मैं आपको यह जानकारी देना चाहूँगा जब आप जब भी आप स्टॉक सेलेक्ट करते है जैसे की यहां लिखा हुआ है

स्टोक्स इंडियन ट्रेंडिंग इन इंडियन स्टॉक मार्केट Stocks Indian Trading in Indian Stock Market चलिये समझते यह क्या होता है-

अगर आप स्टॉक चुनते है तो डेली ट्रेडिंग जो स्टॉक है उस स्टॉक को चुने जैसे कि ऐसा स्टॉक जो intraday में day चार्ट में पिछले 2,3,4 दिन से या फिर आज की डेट में ट्रेंडिंग में है। अब यहां आप ट्रेंडिंग चार्ट की पहचान कैसे करेंगे आज की डेट में ट्रेंडिंग है। आप प्रीवियस के दिनों में जो स्टॉक ट्रेंडिंग है उसके अनुसार आप आज की डेट का ट्रेंडिंग स्टॉक पता कर सकते है, की कौनसी स्टॉक डेली ट्रेंडिंग में होगा। तो यह पहचान करके आप आसानी से intraday कर सकते है। और अगर आप buy करने के लिए ऐसे स्टॉक को सेलेक्ट करते है तो सबसे पहले आपको यह देखना है कि जो अपने स्टॉक सेलेक्ट किया है वह trending में है यह नही तो यहां आपको पहली लेवल को जनरेट करना है। या फिर कौन सी लेवल में आपको buy करना है उसको जनरेट करना है। अब यहां level  मतलब ( breakout level  ) ब्रेक आउट मतलब की अगर आप इस प्राइस को ब्रेक आउट करते है तो स्टॉक ऊपर भागेगा और अगर इस प्राइस को ब्रेक आउट ( breakdown ) करते है तो ऊपर जाने का चांस नही रहता है। How to understand stock trend

तो trending स्टॉक में आप एक breakout level findout जरूर करे। लेकिन अगर आप ब्रेक आउट लेवल फाइंड आउट करना चाहते है तो सबसे पहले आपको रेजिस्टेंस को फाइंड आउट करना होगा। और अगर यहां stock resistance के नीचे है तो यहां ऐसे ट्रेडर जो SHARE MARKET में काफी पहले से ट्रेड कर रहे है तो ऐसे ट्रेडर यहां इसके नीचे से सेल करते है लेकिन ऐसा बिल्कुल नही करना चाहिए। क्योंकि एक trending स्टॉक जहां रेजिस्टेंस के नीचे होता है तब रेजिस्टेंस जब ब्रेक आउट करते है तो उसका मोमेंट ऊपर की तरफ होता है। और यदि ब्रेक आउट नही करते है तो वह अलग बात लेकिन अगर जैसे आपने 10 ट्रेड डाला तो आपके 3 ट्रेड ही सही जाएंगे। अगर आप रेजिस्टेंस के नीचे सेल करेंगे तो इस बात को आप हमेशा ध्यान करके रखिये। यहां आपको 7 बार लॉस मिलेगा इसलिए इस 7 बार लॉस को मुनाफ़े में बदलने की कोशिश करे। नुकसान को मुनाफा में बदलने के लिए आपको ट्रेंडिंग स्टॉक में हमेशा इंतजार करना है BUY करने के लिए जब स्टॉक रेजिस्टेंस को ब्रेकआउट करते है। और अदिक्तम समय ऐसी परिस्थिति में स्टॉक रेजिस्टेंस को ही ब्रेकआउट करते है।

Trend Up buy price

5 days Trend Up, 10 days Trend up अब देखिए trend Up Buy price इससे पहले जो हमने बात की थी वो एक तरह से अलग बात थी। अब Trend Up buy price यानी को ट्रेंड भी आप है और price भी आप है। कहने का मतलब ट्रेंड ऊपर की तरफ जा रहा है साथ मे ट्रेंड भी price को सपोर्ट कर रहे है की पर्टिकुलर स्टॉक,पर्टिकुलर इंडेक्स ऊपर की तरफ जा रहे है। मतलब की ट्रेंडिंग up है तो price भी उसे ऊपर जाने के लिये सपोर्ट कर रहे है। मतलब की कहे सकते है कि दोनों में कोरिलेशन। अब ऐसे में आप ऐसी स्टॉक खोजेंगे जो ट्रेंडिंग up है। ट्रेंडिंग up में है, जब आपको ऐसी  शेयर मिल जाएंगे तो शेयर चुन सकते है । लेकिन ऐसी ट्रेंडिंग शेयर भी मिलेगा जिसका रूख है वह नीचे जाने की तैयारी में है, जिसका उप ट्रेंड अंत में है । मतलब की हम यहां कहे सकते है कि ट्रेंड के साथ साथ प्राइस भी ऊपर जाने की तैयारी में है और पिछले कुछ दिनोसे अपनी मूल्य बड़ोतरी भी जारी रखा है ऐसी शेयर में  निवेश करने के बारे में सोचो। सेल के बारे में बात करते है इससे पहले हम  buy के बारे में जानकारी ले रहे  है। How to understand stock trend

5 days Trend Up

अब यहां कोई शेयर पर्टिकुलर इंडेक्स हो सकते है जो पिछले 5 दिन से लगातार ट्रेंडिंग में है। तो यह जो शेयर 5 दिन से ट्रेंडिंग में है और वो भी up साइड ट्रेंडिंग साइड जो कि up साइड भी हो सकता है या फिर डाउन साइड भी हो सकता है 5 days ट्रेंडिंग Trend Up साइड तो अब अगर यह पिछले 5 दिन से ऊपर की ओर भाग रहा है तो आप इसी तरह की शेयर को सेलेक्ट कर सकते है। लेकिन यहां आपको 1 day कैंडल को सेलेक्ट कर सकते है। और जब आप यहाँ 1 day कैंडल अप्लाई करते है तो आपको टोटल 5 कैंडल जो वह सभी ऊपर की तरफ देखने को मिलेगा। कहने का मतलब यह है कि आपको यहां एक कैंडल नीचे है एक ऊपर है, ऐसा देखने को नही मिलेगा जिसे हम ट्रेंडिंग कहेंगे।

यहां सेकंड कैंडल पहले कैंडल के ऊपर क्लोज होना चाहिए। पहले कैंडल के नीचे दूसरा कैंडल क्लोज हो और तीसरे कैंडल के नीचे पहले और दूसरे कैंडल के ऊपर क्लोज हो ऐसा बिल्कुल नही होना चाहिए। अगर ऐसा होता भी है तो स्टॉक सेलेक्ट नही करना चाहिए। ट्रेंडिंग up मतलब टट्रेंडिंग up, सेकंड कैंडल पहला कैंडल के ऊपर और थर्ड कैंडल सेकंड कैंडल के ऊपर होना चाहिए ४थ कैंडल तीसरा कैंडल के ऊपर होना चाहिये इसी को हम कहेंगें 5 days Trend Up.

10 days Trend Up

10 days Trend Up मतलब जैसे कि अपने अभी 5 days Trend Up को फॉलो किया था बैसे ही यहां 10 days Trend Up में 10 कैंडल को देखेंगे। की वह कैंडल स्टेप by स्टेप प्रीवियस कैंडल को ब्रेक आउट करके ऊपर क्लोज हो रहा है तो आप यहां आसानी से निवेश कर सकते है। intraday में निवेश करने के लिए. विशेषरूप से 5 days Trend Up, 10 days Trend Up ऐसी स्टॉक में आप ट्रेडिंग कर सकते है। या फिर एक हफ्ते के लिए, 1 महीने के लिए positional trade ट्रेड कर सकते है। एक बात ध्यान दे की इस स्तिथि में आप जब शेयर मार्केट में निवेश करते है या ट्रेड करते है तो देखिए यहां स्टॉक ओवर वैल्यूड है या फिर अंडर वैल्यूड है। OVERVALUED है या UNDERVALUED  है ये दो शब्द की बातें तब आ जाते है जब आप शेयर मार्केट में निवेश करते है।

और जब आप इंट्राडे में TRADE करते है तो उसे कहते OVERSOLD और OVERBOUGHT, यहां अंडरवैल्यूड है ओवरसोल्ड और OVERVALUED है अधिक खरीददार । तो INVESTMENT के समय अंडरवैल्यूड और OVERVALUED इस्तेमाल करते है। जब आप इंट्राडे ट्रेड करेंगे तो वह अलग होता है। तो इसलिए मैं आपको जानकारी देना चाहूंगा कि अगर आप इंट्राडे में ऐसी शेयर में इंट्राडे ट्रेड करते है तो ओवरसोल्ड और OVERBOUGHT रेंज को देखे ।

निवेश के लिए टाइम फ्रेम और RSI से कैसे ट्रेड करे ?

Investment के लिए ट्रेड करना चाहते और प्रॉफिट बुक करना चाहते है तो आप एक बात को ध्यान में रखिये की आप जो ट्रेड करेंगे तब आपको पहले देखना है कि टाइम फ्रेम अप्लाई करके की RSI का Ratio और RSI का रेंज क्या है। उसके बाद आप 1 घंटे का टाइम फ्रेम अप्लाई कीजिये और उसमे RSI का रेंज क्या है देखिए। फिर दुबारा 2 घंटे का टाइम फ्रेम अप्लाई कीजिये और उसमे RSI का रेंज क्या है, 3  घंटेटाइम फ्रेम अप्लाई कीजिए , 4 घंटे टाइम फ्रेम अप्लाईकीजिए , इसी तरह एक एक करके सभी मे चेक कीजिये कि RSi का रेंज कितना है। RSi का रेंज 4 घंटे चार्ट में ओवरवॉर्ड है या नहीं देखिए क्यू के 4 घंटा टाइम फ्रेम स्ट्रांग TIMEFRAME  है । आपको बता दे को RSI रेंज ओवरवॉर्ड तब होता है जब RSI रेंज 70 पर होता है चाहे वह 4 घंटे हो या कुछ और TIME FRAME हो। How to understand stock trend

Intraday के लिए ट्रेड करना चाहते और आज ही प्रॉफिट बुक करेंगे तो आप एक बात को ध्यान में रखिये की आप जो ट्रेड करेंगे तब आपको पहले देखना है कि टाइम फ्रेम अप्लाई करके की RSI का Ratio और RSI का रेंज क्या है। उसके बाद आप 1 घंटे का टाइम फ्रेम अप्लाई कीजिये और उसमे RSI का रेंज क्या है देखिए। फिर दुबारा 2 घंटे का टाइम फ्रेम अप्लाई कीजिये और उसमे RSI का रेंज क्या है, 3  घंटेटाइम फ्रेम अप्लाई कीजिए , 4 घंटे टाइम फ्रेम अप्लाईकीजिए , इसी तरह एक एक करके सभी मे चेक कीजिये कि RSi का रेंज कितना है। RSi का रेंज 1 घंटे चार्ट में ओवरवॉर्ड है या नहीं देखिए क्यू के 1 घंटे टाइम फ्रेम स्ट्रांग TIMEFRAME  है । आपको बता दे को RSI रेंज ओवरवॉर्ड तब होता है जब RSI रेंज 70 पर होता है चाहे वह 1 घंटेहो या कुछ और TIME FRAME हो।

How to understand stock trend

जिस टाइम फ्रेम चार्ट में RSI रेंज 70 होता है , मतलब की ओवरवॉर्ड जहां से स्टॉक गिर जाते है ,लेकिन ऐसा होता नही है, कुछ स्टॉक 70 से गिर जाते है, और 60 से भी गिर जाते है। कुछ स्टॉक के RSI रेंज 90 पर चले जाते है लेकिन फिर भी स्टॉक नीचे नही गिरते है मतलब यहां स्टॉक में कुछ स्पेशल होता है जिसके कारन वह नही गिरते है। इसलिए जब भी आप निवेश करते है या फिर ट्रेड करते है तो यहां वो फाइंड आउट कीजिये रिचार्ज कीजिये, होंमे वर्क कीजिये की रेंज 90 है लेकिन स्टॉक नीचे नही गिर रहा है। परन्तु ऐसा भी स्टॉक है जो 60 RSi है लेकिन नीचे गिर रहा है। तो RSI 70 को ओवरवॉर्ड मानकर मत चलिये अब जैसे मानकर चलिये RSI 80 रेंज। मतलब की इंट्राडे में 1 घंटे टाइम फ्रेम और इन्वेस्टमेंट में 4 घंटे टाइम फ्रेम में RSI 80 में है तो आप यहां  में निवेश न करे। अब जैसे कि यहां क्या होता कि जो एक्सपर्ट ANALYST  होता है वह ऐसी परिस्तिथि में सेल करने के बारे में सोचते है और सेल करने के लिए पोजिशन को क्रेट करते है।

अब आप ऐसी शेयर को फाइंड आउट करे जिसका RSI 30 मिनेट, 1 घंटे, 2 घंटे 4 घंटे में RSI कम से कम 50 के नीचे हो। अगर 50 के नीचे हो और वह 50 को ब्रेक करने को कोशिश कर रहा है तो आप buy पोजीशन क्रेट कर सकते है। क्योंकि RSI जैसे ही 50 को ब्रेक आउट करेगा तब अच्छी मूवमेंट आने की पॉसिबिलिटी ज्यादा रहता है । बैसे आपको बता दे RSI 50 भी एक रेंज होता है जिसको मिड पॉइंट कहते है। 0 से 100 RSI रेंज तो यह एक मिड पॉइंट होता है। RSI 50 को जैसे ही क्रॉस आउट करता है तो आपको यहां एक अच्छा प्रॉफिट मिल सकता है। अगर यहां आप buy पोजीशन क्रेट करते है। लेकिन अगर यह 70 के ऊपर है या फिर 80 के आस पास है तो उसको इग्नोर कर दे। मतलब इस स्तिथि में ट्रेड ना करे। तो दोस्तों ये हो गया RSI रेंज के बारे में। How to understand stock trend

अब हम बात करेंगे बिना चार्ट के प्रक्टिकल के ऊपर । तो अब हमे यहां चार्ट को ओपन करके चर्चा करे यह बिल्कुल भी जरूरी नही है। यहां ज्ञान की बातें है तो यहां आपका इरादा ज्ञान की बातें इकट्ठा करना होना चाहिए। तो अब हम बात करेंगे सेल पोजीशन की अक्सर आप करते क्या है कि जब कोई शेयर ऊपर की और जा रहा है, ट्रेंडिंग up में है तो आप buy करते है क्योकि वह ऊपर की तरफ जा रहा है चाहे वह शेयर इंडेक्स कुछ भी और वह ट्रेंडिंग की और जा रहा है। लेकिन इसका इरादा क्या है मतलब की उसका जो रूख है वह बदलता तो नही रहा है अक्सर आप कहते है की जब भी मैं शेयर बाजार में buy करता हूँ नीचे गिर जाता है और जब भी सेल करता हो तो ऊपर भाग जाता है। ऐसा क्यों होता है, चलिये अब हम बात करते है मूविंग एवरेज की। मूविंग एवरेज में आप करते क्या है 10 days जब 20 days को ब्रेक आउट किया buy कर लो और अगर 10 days को 5 days ने ब्रेक और किया तो buy कर लो। मतलब की 5 दिन पहले की एवरेज 20 दिन की प्राइस को ब्रेक आउट कर रहा है या फिर पिछले 10 दिन की एवरेज प्राइस 20 days प्राइस के प्राइस को ब्रेक आउट कर रहा है तो वह अच्छी बात है लेकिन यहां इस स्तिथि में जो स्टॉक में मोमेंट आ रहा था वह मोमेंट आकर प्रॉफिट बुकिंग का समय हो जाता है। एक्सपर्ट ट्रेडर प्रॉफिट भी बुक करलेते है। लकी आप क्रॉस ओवर को ध्यान में रखते हुआ शेयर को खरीद ते है और उसी समय शेयर गिरजाता है। इस बात को आप ध्यान रखे या फिर नोट करके रखें यह सभी के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है के क्रॉस ओवर करने से पहले ही स्टॉक मोमेंटम आजाता है और अक्सर क्रॉस ओवर के बाद मोमेंटम ख़तम होजाता है।

निष्कर्ष

तो दोस्तों ये थी हमारी आज की पोस्ट जिसमे हमने Share Market Ko Kaise Samjhe Hindi | How to understand stock trend without chart के बारे में जाना। आशा करता हूँ कि आज के इस लेख मेंShare Market Ko Kaise Samjhe Hindi  के बारे में उचित जानकारी मिली होगी और आज यह लेख आपके लिए उपयोगी साबित हुआ होगा। यदि आज के इस लेख में आपको Share Market Ko Kaise Samjhe Hindi | How to understand stock trend without chart  में कुछ भी समझ नही आया हो या फिर आपको इस लेख, या फिर मार्किट से जुड़ा जो भी सवाल आपके मन मे है उसे आप नीचे कमेंट बॉक्स में कमेंट करके पूछ सकते हैं। जल्द हमारी टीम आपसे जुड़कर आपकी पूरी सहायता करेगी। यदि आपको आज यह आर्टिकल अच्छा लगा हो या फिर इस लेख में मार्किट के बारे में दी गयी जानकारी उपयोगी रही जो तो इसे लेख को सोशल मीडिया और अपने दोस्तों के साथ शेयर ज़रूर करे। धन्यवाद

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