Option Selling Writing Trading Strategies कैसे करे for beginners in Hindi

Option Selling Writing Trading

नमस्ते दोस्तों अब सबका हार्दिक स्वागत है आपकी पसंदीदा ब्लॉग इंट्राडे टिप्स इन हिंदी anjan tech research डॉट कॉम पर।आज के इस आर्टिकल में आज की जो लेख रहेगा option trading strategies in hindi ऑप्शन ट्रेडिंग के ऊपर। जब भी बाजार में ट्रेडिंग की बात होती है तो लोग हमेशा शेयर बाजार पर खरीदने की बात करती हैं और खरीदने के लिए हमेशा सोच बनाए रखते हैं, क्योंकि किसी भी वस्तु को या फिर बाजार में किसी भी Share को अगर हम खरीदते हैं तो ऊपर बेचेंगे यह जानकारी बहुत ही सरल लगता है सबके लिए, जिसके कारण बहुत ही कम लोगों को पता होता है पहले किसी भी शेयर को बेचने की जानकारी। इस बाजार में किसी भी शेयर को खरीद कर दीर्घ काल के लिए अपनी पोजीशन मैं पकड़ बनाए रखना दीर्घकाल समय के एक अंतिम समय में शेयर को बेचकर लाभ उठाना अधिकतम निवेशक ऐसी रणनीति को ऊपर ट्रेड करते हुए आ रहे हैं। ज्यादातर ट्रेडर अनजान है इस शब्द के ऊपर के बाजार में पहले किसी भी शेयर को बेचा जा सकता है ऊपर की प्राइस में और जब उस में गिरावट आएंगे नीचे खरीद कर लाभ उठाया जा सकते हैं। Option Selling Writing Trading

Option Trading 

ऑप्शन ट्रेडिंग Option में भी ज्यादातर ट्रेडर ऑप्शन को खरीद कर मुनाफा करते हैं लेकिन यह सोचकर ऑप्शन खरीदते हैं कि उसको मुनाफा मिलेगा। ऑप्शन को खरीदने का और एक महत्वपूर्ण कारण ऑप्शन को अगर खरीदा जाता है तो असीमित मुनाफा मिलेगा और नुकसान सीमित मिलेगा। बहुत सारे ट्रेडर को जानकारी नहीं होता कि ऑप्शन को selling करके मुनाफा किया जा सकता है, और कुछ ट्रेडर को जानकारी होते हुए भी ऑप्शन में सेल्लिंग पोजीशन इनीशिएट करना नहीं चाहता क्योंकि ऑप्शन सेल करने से असीमित नुकसान मिलता है और मुनाफा सीमित मिलता है। कुछ  लोगों को पता ही नहीं है ऑप्शन selling के बारे में ,वह अलग बात है लेकिन जिस ट्रेडर को पता है ऑप्शन सेलिंग के बारे में उन सब को यह गलत फहमी है कि ऑप्शन सेल करेंगे तो नुकसान ज्यादा होगा और ऑप्शन सेलिंग में बहुत सारे Margin की जरूरत पड़ता है। ऐसी सोच रखकर ट्रेडर ऑप्शन सेलिंग से हमेशा पीछे रहते हैं। Option Selling Writing Trading

ऑप्शन बुय Buy में मुनाफा और ऑप्शन सेल में मुनाफा और नुकसान के बारे में आगे हम चर्चा करने जा रहे हैं इससे पहले हम यह जान लेते हैं ट्रेडिंग के प्रकार कितने है।

Trading के प्रकार

शेयर बाजार में ट्रेडिंग के कहीं प्रकार होते हैं जैसे इंट्राडे ट्रेडिंग, डिलीवरी ट्रेडिंग, एसटीबीटी ट्रेडिंग, बीटीएसटी ट्रेडिंग, पोजीशनल ट्रेडिंग, स्विंग ट्रेडिंग, शॉर्ट टर्म ट्रेडिंग और लोंग टर्म ट्रेडिंग।

फ्यूचर और ऑप्शन में अंतर

फ्यूचर ट्रेडिंग में खास करके इंट्राडे ट्रेडिंग और पोजीशनल ट्रेडिंग में ट्रेड किया जाता है। इंट्राडे ट्रेडिंग में किसी बिशेष शेयर को अगर हम खरीदते हैं 3:30 बजे से पहले किसी भी समय पर हमें अपनी पोजीशन स्क्वायर अप करना पड़ता है 3:20 से पहले। अगर हम ऑप्शन को एमआईएस आर्डर में खरीदते हैं, MIS ऑर्डर उपयोग किया जाता है इंट्रा डे ट्रेडिंग में, अगर एमआईएस आर्डर प्लेस करते हैं तो 3:20 से पहले या फिर 3:20 से 3:25 तक ऑटो स्क्वायर ऑफ हो जाता है। लेकिन अगर ऑप्शन ट्रेडिंग के बारे में चर्चा करें तो ऑप्शन ट्रेडिंग में ऐसा होता है अगर हम किसी पार्टी कूलर स्ट्राइक प्राइस के ऑप्शन को खरीदते हैं तो हमें 3:30 बजे से पहले Square off करना पड़ता है अगर हम 3:30 बजे से पहले Square off करते हैं तो उसे इंट्राडे ऑप्शन ट्रेडिंग कहा जाता है। 3:30 बजे से पहले अगर हम स्क्वायर अप Square off नहीं करते हैं तो मेरी खरीदे हुए ऑप्शन अगले दिन के लिए होल्ड हो जाएंगे और इस ऑप्शन पोजीशन को जब तक में Square off नहीं करूंगा उसे होल्ड रखूंगा तो उसे ऑप्शन पोजीशनल ट्रेड कहा जाता है। लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है ऑप्शन की एक्सपायर डेट होता है, एक्सपायर डेट से पहले हमें ऑप्शन पोजीशन का स्क्वायर अप करना पड़ता है, ऑप्शन ट्रेडर ऑप्शन को इसलिए बाय करते हैं क्योंकि अगर हम किसी पार्टी कूलर स्ट्राइक प्राइस के ऑप्शन को खरीदते हैं तो खरीदने के लिए जितना प्रीमियम पे करना पड़ता है उतना प्रीमियम हम भुगतान करते हैं और यह प्रीमियम बहुत ही कम होता है। ज्यादा से ज्यादा 10,00 से लेकर 15,000  इन्वेस्टमेंट होता है इंट्राडे ट्रेडिंग और पोजीशनल ट्रेडिंग में। Option Selling Writing Trading

सभी Option Selling Trader  की सोच यह है कि ऑप्शन सेलिंग उसके लिए नामुमकिन है, क्योंकि ऑप्शन सेल करने के लिए हाई मार्जिन की जरूरत है और अकाउंट में मार्जिन कम होने के कारण ऑप्शन ट्रेडर ऑप्शन को बिक्री नहीं करते हैं। जिन ट्रेडर को ऑप्शन बिक्री के बारे में पता है यह भी सत्य है अगर आपके पास सही रणनीति है तो ऑप्शन वायरस के तुलना में ऑप्शन सेलर्स को सबसे ज्यादा मुनाफा मिलता है और मिलते आ रहे हैं।

  1. ऑप्शन ट्रेडिंग में बायर का हमेशा नुकसान सीमित होता है क्योंकि प्रीमियम के ऊपर जो मूल राशि प्रदान करते हैं वह राशि उसका नुकसान होता है इसीलिए वायरस का नुकसान सीमित होता है। ऑप्शन विक्रेताओं को हमेशा असीमित नुकसान होता है क्योंकि ऑप्शन विक्रेता प्रीमियम प्राप्त करते हैं अर्थात जिस प्राइस में ऑप्शन को सेल करते हैं और उसका जो कुल प्रीमियम होता है वह प्राप्त करते हैं। और अगर ऑप्शन प्रीमियम में बढ़ोतरी आते हैं तो विक्रेता को और असीमित नुकसान होता है और प्रीमियम राशि प्राप्त करने के कारण मुनाफा सीमित होता है।
  2. दूसरी दिशा से अगर देखा जाए तो ऑप्शन खरीदार को अगर मुनाफा ज्यादा मिलता है तो ऑप्शन सेलर्स को नुकसान ज्यादा होता है।
  3. पर नुकसान सीमित और असीमित है क्योंकि ऑप्शन विक्रेता प्रीमियम प्राप्त की है और ऑप्शन वायरस प्रीमियम प्रदान की है।
    और अगर किसी कारण ऑप्शन सेलर्स को मुनाफा ज्यादा मिलता है तो ऑप्शन वायरस को नुकसान मिलता है लेकिन वह नुकसान सीमित तक रहता है अर्थात जो प्रीमियम प्रदान किया है वही उसका नुकसान रहता है।
  4. ऑप्शन बाजार अगर पार्टिकुलर स्ट्राइक प्राइस के ऊपर ₹6000 निवेश करते हैं अर्थात बैंक निफ़्टी ऑप्शन 1 लोट अगर खरीदते हैं तो 300 * 20 इक्वल टू निवेश 6000 अगर बाजार में गिरावट आता है तो ऑप्शन Buyers को सिर्फ 6000 का नुकसान होगा यदि अगर बाजार में बढ़ोतरी आई और 300 प्रीमियम की स्ट्राइक प्राइस 500 हो जाता है तो ऑप्शन वायरस को कुल मुनाफा मिलेगा ₹4000 अर्थात 6000 की निवेश 10000 हो जाएगा।
  5. ऑप्शन सेलारस अगर ऑप्शन सेल करते हैं तो पार्टी कूलर स्ट्राइक प्राइस के प्रीमियम अगर 300 होता है तो ऑप्शन सेलर्स बैंक  निफ़्टी ऑप्शन 20 * 30 इक्वल टू 6000 मुनाफा मिलेगा बो भी ऑप्शन प्रीमियम जब जीरो होगा। यह सीमित मुनाफा है लेकिन अगर मार्केट में बढ़ोतरी आते हैं तो ऑप्शन विक्रेता को असीमित नुकसान मिलेगा तब जब 300 प्रीमियम 600 हो जाता है तो ऑप्शन विक्रेता के कुल नुकसान 6000 होगा अर्थात ऑप्शन विक्रेता का नुकसान असीमित है।
  6. ऑप्शन वायरस ऑप्शन को खरीदते हैं इस विषय के ऊपर के बाजार मूल्य में तेजी आएगी तो ऑप्शन वायरस को मुनाफा मिलेगा और ऑप्शन विक्रेता ऑप्शन सेल करते हैं इस विषय के ऊपर के बाजार में गिरावट आएगी और बाजार में गिरावट आने के कारण ऑप्शन सेलिंग में मुनाफा मिलेगा
  7. बाजार में ऑप्शन वायरस ( Option Buyers )और ऑप्शन सेलर्स का एक ऊपरी स्तर और निचले स्तर के ऊपर निर्भर करके ऑप्शन को खरीदते हैं और ऑप्शन को बेचते हैं। जैसे ऑप्शन बयार का खरीदे हुए स्ट्राइक प्राइस से ऊपरी स्तर का एक मुल्ले रहता है और खरीदे हुए स्ट्राइक प्राइस के निचले स्तर का एक मूल्य रहता है। अगर बाजार मूल्य निचले स्तर में गिरते हैं तो निचले स्तर की उस मूल्य तक जा सकते हैं जो मूल्य ट्रेडर ने निर्धारित किया है एनालिसिस के माध्यम से और अगर बाजार में बढ़ोतरी आते हैं तो बाजार मूल्य स्ट्राइक प्राइस के उच्च स्तर पर जा सकता है जहां पर ऑप्शन Buyers असमीज मुनाफा प्राप्त करेगा।
  8. ऑप्शन सेलर्स ऑप्शन को जब सेल करते हैं तो Option Selling Strike Price के ऊपरी स्तर के एक मुल्ले रहता है जहां तक मार्केट जा सकता है और ऑप्शन स्ट्राइक प्राइस के निचले स्तर के एक मुल्ले रहता है जहां तक बाजार गिर सकते हैं। अगर बाजार में बढ़ोतरी आई तो बाजार कुछ उस मूल्य तक जा सकता है जिस मुल्ले को ऑप्शन विक्रेता निर्धारित किया है एनालिसिस के माध्यम से, तो उस स्तर तक विक्रेता को नुकसान मिलेगा पर निचले स्तर में एनालिसिस के माध्यम से जो मूल्य निर्धारित किया है उस मूल्य तक अगर बाजार गिरता है तो ऑप्शन सेलर्स को मुनाफा मिलेगा। Option Selling Writing Trading
  9. बाजार में ऑप्शन ट्रेडिंग में खासकर ऑप्शन सेलर्स का असीमित नुकसान होता है मुनाफा सीमित मिलता है। ऑप्शन वायरस का  सीमित मुनाफा मिलता है और सीमित नुकसान मिलता है।  फिर भी ऑप्शन ट्रेडिंग में ज्यादातर ऑप्शन सेलर्स को मुनाफा मिलता है इसलिए अगर आपने ऑप्शन बाय किया उदाहरण के लिए कहना चाहूंगा 30 बार तो आपको मुनाफा मिलता है 20 बार पर 10 बार आपको नुकसान मिलता है क्योंकि 30 ट्रेड में से 30 ट्रेड में आपको मुनाफा नहीं मिलेगा। दूसरी दिशा से ऑप्शन विक्रेता अगर 30 ट्रेड करते हैं सेलिंग में तो 25 ट्रेड से ज्यादा ट्रेड में मुनाफा मिलता है क्यों ना सीमित मुनाफा हो।
  10. मुनाफा मिलने का विशेष कारण यह भी है कि ऑप्शन में एक्सपायरी डेट होता है पहले से ही तय किया जाता है इस सीरीज की ऑप्शन उस तारीख तक निर्धारित है और वह तारीख आते आते ऑप्शन प्रीमियम धीरे-धीरे घटने लगता है और ऐसे बहुत सारे स्ट्राइक प्राइस हैं जिसका प्रीमियम जीरो हो जाता है स्टॉक में या फिर बाजार में बढ़ोतरी चाहे जितना भी आए।
  11. खास करके ऑप्शन सेलिंग में उन ट्रेडर को सबसे ज्यादा मुनाफा मिलता है जो इस बाजार में ऑप्शन को सेल कर के होल्ड करते हैं 1 हफ्ते के लिए या फिर 2 हफ्ते के लिए या फिर एक्सपाइरिया तक।
  12. एक वजह यह है कि ऑप्शन प्रीमियम एक्सपेरी तक शून्य हो जाता है और दूसरी वजह यह है अपने जिस स्ट्राइक प्राइस को राइट किया है अर्थात सेल किया है उसे स्ट्राइक प्राइस के नीचे अगर बाजार मूल्य रहता है Expiry तक तो आप का मुनाफा मिलना तय है ऑप्शन सेलिंग में और ज्यादातर समय बाजार में ऐसा होने की संभावना ज्यादा रहता है।

एकदिवसीय ट्रेड में ऑप्शन सेल करने के लिए आपको बहुत सारे ब्रोकर कंपनी मिल जाएंगे लेकिन अगर आप ऑप्शन सेल करके मुनाफा करना चाहते हैं अर्थात पोजीशनल ऑप्शन राइटिंग करना चाहते हैं तो आपके अकाउंट राशि ज्यादा होना जरूरी है।

अब हम बात करेंगे सच में ऑप्शन सेल करने के लिए कितने मार्जिन होना जरूरी है आपकी ट्रेडिंग अकाउंट में।
ऑप्शन सेलिंग की अगर बात करें ऑप्शन सेल करने के लिए अलग-अलग ब्रोकर अलग-अलग मार्जिन प्रोवाइड करते हैं। आपको यह तय करना है आपको यह विचार करना है कि आप कौन सी ब्रोकर को चयन करेंगे ऑप्शन सेलिंग सुविधा प्राप्त करने के लिए। आपकी दृष्टि कौन से जो ब्रोकर आपको सही मायने में सही मार्जिन प्रदान करना हैं उसी ब्रोकर का चयन करना अत्यंत आवश्यक है।

अब हम कुछ ब्रोकर के ऊपर चर्चा करेंगे एनालिसिस करके जानने की कोशिश करेंगे कि कौन सी ब्रोकर कंपनी हमें सबसे ज्यादा मार्जिन प्रदान कर रहे हैं। हमें मदद कर रहे हैं ऑप्शन को सेल कर के मुनाफा करने के लिए। सबसे पहले हम चर्चा करेंगे अस्था ट्रेड डिस्काउंट ब्रोकर कंपनी के ऊपर। अस्था ट्रेड के बारेमे विस्तार से जाने तो कुछ इस तरह से होता है जैसे आस्था ब्रोकर। Option Selling Writing Trading

Equity Cash Segment

Equity Cash Segment इंट्राडे ट्रेडिंग में 40 गुना मार्जिन प्रदान करते हैं, अपने अकाउंट की मूल राशि के ऊपर दूसरी तरफ Equity Cash Segment में डिलीवरी ट्रेडिंग के लिए 5 गुना मार्जिन प्रदान करते हैं अपनी मूल राशि के ऊपर। इंडेक्स फ्यूचर

Index Future Buy/Sell   

Index Future के ऊपर अगर चर्चा करते हो इंडेक्स फ्यूचर में से निफ़्टी फ्यूचर Nifty Future और बैंक निफ़्टी फ्यूचर Bank Nifty Future इन दोनों को अगर हम खरीदते हैं तो खरीदने के लिए अपनी अकाउंट में मूल राशि अगर 2500 रूपए रहता है तो हम निफ़्टी फ्यूचर के 75 क्वांटिटी अर्थात एक लॉट और Bank Nifty Future बैंकनिफ्टी फ्यूचर में 20 क्वांटिटी अर्थात  फ्यूचर एक लोट खरीद सकते हैं सिर्फ 2500 रूपए में।

Nifty Future Sell
निफ़्टी फ्यूचर को अगर हम पहले सेल करना चाहते हैं 75 क्वांटिटी अर्थात एक लौट बेचने के लिए अपने अकाउंट में मूल राशि होना जरूरी है सिर्फ 2500 रूपए।

Bank Nifty Future Sell 

उसी तरह बैंक निफ़्टी फ्यूचर को सेल करने के लिए 20 क्वांटिटी अर्थात एक लोट के ऊपर अकाउंट की मूल राशि 2500 रूपए होना जरूरी है।

Index Option Sell Nifty Option 

ऑप्शन सेलिंग में किसी भी स्ट्राइक प्राइस को अगर हम चयन करते हैं सेल करने के लिए तो अपने अकाउंट की मूल राशि 2500 रूपए होना जरूरी है अर्थात सिर्फ 2500 रूपए में निफ़्टी ऑप्शन के जो 75 क्वांटिटी का एक लोट है सेल करने के लिए सिर्फ 2500 रूपए की जरूरत है।

Index Option Sell Bank Nifty Option
उसी तरह बैंक निफ़्टी ऑप्शन को अगर हम सेल करना चाहते हैं Banknifty  ऑप्शन के किसी भी स्ट्राइक प्राइस को तो अपने अकाउंट की मूल राशि 2500 रूपए होना जरूरी है। अर्थात अपने अकाउंट में अगर 2500 रूपए हैं तो हम Bank Nifty Option के किसी भी स्ट्राइक प्राइस को सेल कर सकते हैं। Option Selling Writing Trading

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