Nifty Support and Resistance Analysis कैसे करे Hindi Nifty Resistance

NIFTY SUPPORT AND RESISTANCE Analysis कैसे करे हिंदी में पूरी जानकारी :- Hello Friends जैसा कि हम आपको अपनी इस वेबसाइट anjan tech research पर प्रतिदिन मार्किट से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को शेयर करते है ताकि आप market से जुड़ी सभी important जानकारी से अवगत रहे, और जब भी मार्किट में invest करते है तो आपको किसी तरह की परेशानी का सामना ना करना पड़े। और आज भी हम आपको इस लेख में मार्किट से जुड़ी share market news को लेकर आयें है जो आपके लिए काफी उपयोगी होने वाली है जी हाँ फ्रेंड्स आज इस लेख में हम आपको Nifty Support and Resistance ( SUPPORT AND RESISTANCE Analysis कैसे करे ) इसके बारे में और इससे जुड़ी अन्य जानकारी जैसे Trading के बारे में स्टेप by स्टेप विस्तार से जानेंगे। सो Friends यदि आपको मार्किट में Support और Resistance के बारे में नही पता है और आप इसके बारे में जानना चाहते है तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत ही Helpful होने वाला है इसलिए इस आर्टिकल को लास्ट तक ज़रूर पड़े ताकि आपको इस article को पड़ने के बाद मार्किट में Support और Resistance और stock market में analysis कैसे करे इसके बारे उचित और सही जानकारी मिल सके तो चलिए शुरू करते है-

बाजार में support और Resistance 2 ऐसे एरिया है जहां से मार्किट का प्राइस दूसरी दिशा में मूव हो सकता है इसलिए किसी भी Finance के मार्किट में support और Resistance एरिया काफी महत्वपूर्ण level है। अक्सर आपने मार्किट में market analyst को ये कहते सुना होगा कि मार्किट का प्राइस यहां से वहां तक जा सकता है। बता दे कि support और Resistance किसी chart  में एक खास पॉइंट को दर्षाते है जहां पर मार्किट में सेलर और बयर्स सबसे ज्यादा एक्टिव रहते है।चलिये इसके बारे में अधिक जानकारी के बारे में विस्तार से जानते है- ( Nifty Resistance )

SUPPORT की अर्थ क्या हैं

Support जैसा कि नाम से ही साफ होता है किसी चीज का समर्थन करना दोस्तों जैसा कि हम सभी जानते है मार्किट में उत्तर चढ़ाव आते रहते है और जब मार्किट में ऊपर नीचे होता है उस टाइम हमारा support काम करता है। हम कहे सकते है कि जब market up down होगा तब मार्किट में हमारा जो ध्यान है वो मार्किट में support area की तरफ होगा। मार्किट में सपोर्ट एक ऐसा word है जो मार्किट में downtrend और uptrend दोनों में काफी इस्तेमाल किया जाता है। अब यहां downtrend और uptrend की बात आती तो मार्किट में लोगो को समझने में थोड़ी परेशानी हो जाती है इसलिए चलिये इसे एक Example के जरिये जानते है जिससे आपको support का मतलब आसानी से समझ आ जाये-

Nifty Support and Resistance Analysis कैसे करे Hindi  Nifty Resistance
Nifty Support and Resistance Analysisकैसे करे Hindi? Nifty Resistance

मार्किट में सपोर्ट एक ऐसा एरिया है जहां मार्किट में जब किसी stock का भाव नीचे गिरता है तब वह मार्किट के गिरे हुए भाव को सपोर्ट करता है। इसे अपनी आसानी के लिए कहे सकते है मार्किट में कोई Bottom है जो $2000 तक आया ऊपर आया और फिर नीचे आ गया नीचे गिरने के बाद एक फिर अच्छा उछाल मिला आउर bottom हो गया $2500 जो कि हमारे मार्किट का सपोर्ट बन गया। हम इसे ऐसे भी कहे सकते है कि सपोर्ट वह मार्किट का वह पॉइंट है जहां पर सेलर के मुकाबले बयर्स की संख्या सबसे ज्यादा होती है। जिस कारण स्टॉक भाव सपोर्ट प्राइस अपने पॉइंट से ऊपर बढ़ने लगता है

RESISTANCE की अर्थ क्या हैं

रेजिस्टेंस जिसका मतलब होता है Nifty Support and Resistance रोकना प्रतिरोध करना इसका उपयोग मार्केट में प्राइस को बताने के लिए किया जाता है। जहां किसी प्राइस से स्टॉक का भाव ऊपर जाने से रुक जाता है। मतलब की प्राइस ऊपर बढ़ना बिल्कुल भी बंद हो जाता है और लगातार नीचे की तरफ गिरने लगता है। इसे यह भी कहे सकते है कि Resistance मार्किट का एक ऐसा लेवल है जहां पर सेलर स्टॉक को जब सेल करने के लिए मार्किट में आते है तो वह स्टॉक को वहां से ऊपर की ओर नही जाने देते यही और फिर स्टॉक का लेवल नीचे जाने लगता है। इसे हम आसान शब्दों मे कहे सकते है कि resistance मार्किट का वह price point है जहां पर मार्किट में buyers  के मुकाबले seller  की संख्या अधिक होती हैं। जिस कारण stock market में स्टॉक का भाव Resistance price से नीचे की तरफ गिरने लगता है।

SUPPORT AND RESISTANCE की उपयोगिता

ऊपर हमने सपोर्ट और Resistance के बारे में जाना चलिये अब यह दोनों की मार्किट में क्या उपयोगिता होती है मार्किट में suport और resistance के 3 मुख्य बिंदु होते है जो आपको मार्किट में Support और Resistance की उपयोगिता बताते है जो में किसी भी सेलर और बयर्स के लिए बहुत महत्वपूर्ण होते है। चलिये जानते है-

Entree पॉइंट

जब हम मार्किट में निवेश करते है तब Support और resistance का ज्ञान हमारे लिए बहुत उपयोगी होता है यहां जब हम मार्किट में किसी शेयर को खरीदते है तब हम उसे किस दाम में खरीदना चाहिए या फिर यह किस मूल्य का शेयर है इसके बारे के पता चल जाता है।

Exit pole

मार्किट में निवेशक को किस ट्रेंड में अपना invest करना है या फिर जब लॉस हो रहा है तब उसे कब stop loss book करना है support और resistance की यह काफी अच्छी उपयोगिता होती है मार्किट में।

target

यदि हमें support एंड resistance के बारे में पता है होता है तो हम बड़ी आसानी से मार्किट में अपना टारगेट Nifty Target सेट कर सकते है किंस ट्रेड में आपको कितना profit  मिल सकता है या फिर कितना loss हो सकता है इसका अंदाजा आप आसानी से लगाकर अपना एक target सेट कर सकते है।

support की ऊपर Buy करने की तकनीक – Support Breakout Buy

जब मार्किट में किसी शेयर की प्राइस नीचे आकर गिरती है और गिरते गिरते वह एक ऐसी प्राइस पर आकर रुकते है जिसे वह बार बार टेस्ट करता है। जैसे कि कोई शेयर के प्राइस 100 रुपये है तो वह गिरकर 90 में आ गया, और वह फिर 93 में गया और फिर वह गिरकर 90 आया और फिर दोबारा वह 93 पर गया है इसी तरह से वह किसी शेयर के प्राइस को बार बार टेस्ट करते है। इस स्थिति में ट्रेडर की सोच कुछ ऐसी होती है कि जब शेयर के प्राइस को गिरना ही था तो जब यह 3 से 4 बार उसी price को टेस्ट किये तब तो वह उस प्राइस के नीचे गिर जाता लेकिन शेयर की 3 बार प्राइस टेस्ट करने के बाद भी वो इस लेवल को ब्रेकडाउन ( price breakdown  )नही कर पाया इसका मतलब यहाँ पर बयर्स एक्टिव ( Buyers Active ) होगा जिस कारण डबल बयिंग और आर्डर एक्सीक्यूट ज्यादा होंगे और हमे प्राइस ऊपर देखने को मिलेगा। मतलब की हम कहे सकते है की निचले स्तर को 3 से 4 बार टेस्ट करके प्राइस  को तोड़कर नीचे नही जा पाया और स्टॉक ऊपर की और चला गया और नीचला स्तर एक Strong Support Level बन गया। अब हम यहां से आसानी से share buy कर सकते है।

Resistance की ऊपर Buy करने की तकनीक – Resistance ब्रेकआउट Buy

मार्किट में अक्सर ट्रेडर रेजिस्टेंस के नीचे शेयर सेल करते है। लेकिन क्या आप ये जानते है हम चाहे तो रेजिस्टेंस के ऊपर भी share buy कर सकते है। जब मार्किट में हम Resistance को देखते है तो वह कुछ इस तरह होता है जैसे कि किसी शेयर की प्राइस 100 रुपये चल रही है लेकिन कुछ समय बाद वह 100 से बढ़कर 105 या फिर 110 में हो गया फिर कुछ समय बाद वह 110 से 105 में आया फिर कुछ समय बाद वह 105 से 110 में गया। अब यहां जब शेयर पिछले प्राइस को बार बार टेस्ट करते है तब हम उसे रेजिस्टेंस कहते है। जब वह प्राइस उस दौर में ऊपर नही जा पाता। जब प्राइस को ब्रेकआउट करके ऊपर जाने में उसे मुश्किल होता है तब हम उसे price resistance level कहते है। मतलब की जब रेजिस्टेंस को बार बार टेस्ट करके उसके ऊपर आने की कोशिश करते है तब हम उसे रेजिस्टेंस कहते है।और उसी रेजिस्टेंस के नीचे ट्रेडर शेयर को सेल करते है। लेकिन इस रेजिस्टेंस के ऊपर भी हम शेयर buy कर सकते है। इस तरीके से क्योंकि पिछले प्राइस के बार बार टेस्ट करने पर एक बार ऐसा समय होता जब वह उसको पार करके अपट्रेंड रैली को कंटिन्यू रखते हैं , जिसे हम कहते resistance breakout level । Resistance को ब्रेकआउट करना मतलब वहां पर डिमांड ज्यादा हो गयी और बयर्स हावी हो गए जिस कारण प्राइस को ब्रेकआउट किया , क्योकि पिछले प्राइस को जब वह बार बार टेक्स्ट कर रहा था तब वह उस समय बयर्स की यह सोच थी कि यदि इस लेवल को ब्रेकआउट (Breakout Meaning) करते है प्राइस और भी ऊपर जा सकते है।तो सोच के हिसाब से वह उस लेवल के ऊपर buy करते है जिसे रेजिस्टेंस ब्रेकआउट buy कहते है। Nifty Support and Resistance

Resistance की नीचे Sell करने की तकनीक

Resistance में तीन लेवल होती है। resistance की ये तीनो स्तर का मह्त्ब होता हैं। तीनो स्तर में से सेकंड दूसरा स्तर को ज्यादा मह्त्ब दिए जाता हैं। दूसरा स्तर को ज्यादा मह्त्ब इसलिए दिए जाता हैं क्यू के तीसरा स्तर को ब्रेक आउट करता थोड़ा मुश्किल रहेगा कारन बहपर भी सेलर्स एक्टिव रहेगा fresh sell करने के लिए । साथ साथ executed seller भी अपनी पोजीशन को average करेंगे । यहां कोई investor  Resistance के निचे सेल करता है तब जब स्टॉक प्राइस 1st प्रथम स्तर को तोड़ने के बाद second दूसरा स्तर के निचे स्थिर होता है । जैसे  Price बार बार second level के आस पास आकर प्रथम स्तर को टेस्ट करने की कोसिस करते हैं तो  इस परिस्थिति में सेकंड resistance लेवल को बार बार टेस्ट करने के बाद भी वह प्राइस Resistance लेवल को ब्रेकआउट नही कर पाता है तो इस परिस्थिति में आसानी से resistance लेवल के निचे अपनी selling position creat बना सकते हैं। क्यू के सेकंड लेवल तब स्ट्रांग रेजिस्टेंस का काम करता हैं मतलब आसानी से सेकंड  लेवल के निचे स्टॉक को सेल कर सकते है।

Support की नीचे Sell करने की तकनीक

Support में भी रेजिस्टेंस की तरह तीन लेवल होती है। Nifty Support की ये तीनो स्तर का मह्त्ब होता हैं। तीनो स्तर में से Support के निचे सेल करने के लिए तीसरा स्तर ( S 3 ) को ज्यादा मह्त्ब दिए जाता हैं। तीसरा स्तर ( S 3 ) को ज्यादा मह्त्ब इसलिए दिए जाता हैं क्यू के तीसरा स्तर ( S 3 ) एक स्ट्रांग सपोर्ट होता हैं । तीसरा स्तर ( S 3 ) को ब्रेक डाउन करना मतलब seller active  हैं। तीसरा स्तर को जैसे ही ब्रेक डाउन करता हैं , सेकंड सपोर्ट ( S 2  ) के ऊपर जितने एक्टिव बयेर्स था उसमे से maximum trader अपनी पोजीशन कट करेंगे। क्यू के तब बयेर्स में डर एक्टिव होजायेगा। यहां कोई निवेशक Support के निचे सेल करता है तब जब स्टॉक प्राइस second दूसरा स्तर को तोड़ने के बाद तीसरा स्तर के निचे स्थिर होता है । जैसे  Price बार बार तीसरा स्तर के आस पास आकर सेकंड दूसरा स्तर को टेस्ट करने की कोसिस करते हैं और इस परिस्थिति में सेकंड Support लेवल को बार बार टेस्ट करने के बाद भी वह प्राइस second Support level को ब्रेकआउट नही कर पाता है तो इस परिस्थिति में ट्रेडर की सोच कुछ इस तरह होता हैं तीसरे स्तर को टेस्ट करके सेकंड स्तर को ब्रेक आउट न कर पाना मतलब कहिना कही सेलर्स एक्टिव हैं तीसरा स्तर टूटेगा , तीसरा स्तर जैसे ही टूटता हैं तीसरे स्तर  के निचे अपनी selling position  बना सकते हैं। क्यू के तीसरा स्तर तब स्ट्रांग रेजिस्टेंस का काम करता हैं मतलब आसानी से तीसरा स्तर के निचे स्टॉक को सेल कर सकते है। Nifty Support and Resistance

और सेकंड सपोर्ट लेवल के ऊपर स्टॉक को stop loss apply कर सकते है। जानकारी के लिए बता दे की यह सेल करने के साथ साथ स्टॉक techniques के बारे में भी जान लिया है। और अब हम नीचे की ओर टारगेट लेकर चल सकते है।मतलब की सपोर्ट लेवल के ऊपर buy ही नही बल्कि सपोर्ट के नीचे हम सेल भी कर सकते है। लेकिन अभी तक मार्किट में विशेष तौर पर सपोर्ट लेवल के ऊपर buy करते है। लेकिन जब तीसरे स्तर तीसरे सपोर्ट को तोड़ते है तो तीसरे स्तर तीसरे सपोर्ट को एक resistance लेवल माना जाता है। मतलब की तब सपोर्ट लेवल resistance लेवल बन जाता है। तब इस स्थिति में आसानी से तीसरे सपोर्ट लेवल के नीचे सेल कर सकते है।

तो दोस्तों ये था हमारा आज का लेख जिसमे हमने SUPPORT AND RESISTANCE Analysis कैसे करे जिसमे हमने Nifty Support and Resistance उपयोगिता, इसके नीचे सेल और buy आदि के बारे में जाना ।आशा करता हूँ कि आपको ऊपर दी गयी जानकारी उपयोगी रही होगी और इस लेख में आपको SUPPORT AND RESISTANCE के बारे में दी गयी जानकारी समझ आ गयी होगी। यदि आपको इस लेख में कुछ समझ नही आया हो या फिर आपको SUPPORT AND RESISTANCE के बारे में समझने में कोई परेशानी हो तो आप हमें कमेंट करके पूछ सकते है। हमारी टीम जल्द आपसे जुड़कर आपकी पूरी सहायता करेगा इसके अलावा यदि आज का यह पोस्ट आपके लिए अच्छा लगा या फिर उपयोगी रहा हो तो इसे शेयर ज़रूर करे.

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