Bullish Harami कैंडलस्टिक पैटर्न Analysis कैसे करे

बुलिश हरामी Bullish Harami टेक्निकल analysis कैसे करें हिंदी में पूरी जानकारी (Bullish Harami Technical analysis) :- नमस्कार दोस्तों आज इस आर्टिकल में हम एक बहुत महत्वपूर्ण Bullish Harami Candlestick Pattern जानकारी शेयर करने जा रहे है जिसका नाम है बुलिश हरामी।  Bullish Harami  आप सभी के लिए काफी Important होने वाली है। सो इस पोस्ट को अंत तक ज़रूर पड़े। हो सकता है कि आपको बुलिश हरामी पैटर्न के बारे में सुना हो लेकिन क्या आपको इसकी पूरी उचित जानकारी है जैसे कि बुलिश हरामी Technical Analysis कैसे करे, बुलिश हरामी को कैसे पहुँचाने या फिर बुलिश हरामी में ट्रेड कैसे करे , इसके क्या फायदे है। शायद आपको इसकी जानकारी नही होगी यदि नही है और आप बुलिश हरामी के बारे में विस्तार से जानना चाहते है तो यह ARTICLE आपके लिए बहुत Helpful साबित होने वाला है।इसलिए इस आर्टिकल को पूरा ज़रूर पड़े ताकि आपको बुलिश हरामी की पूरी और उचित जानकारी।मिल सके तो चलिये शुरू करते है- Bullish Harami Candlestick Pattern Analysis kaise kare Hindi

Bullish Harami कैंडलस्टिक पैटर्न Analysis कैसे करे
Bullish Harami कैंडलस्टिक पैटर्न Analysis कैसे करे

कुछ लोग जो बुलिश हरामी से अनजान वो यहां bullish harami का मतलब कुछ और समझ लेते है लेकिन हम आपको पता दे कि बुलिश हरामी यहां  SHARE MARKET से जुड़ा शब्द है जिसके बारे में ज्यादातर लोग नही जानते है। जिस कारण वह बुलिश हरामी का मार्किट में फायदा नही ले पाते है और ना ही इसमे ट्रेड कर पाते है। आज इसी बात को ध्यान में रखते हुए इस article को तैयार किया है जिसमे हमने बुलिश हरामी क्या है,यह कैसे बनता है,इसके क्या फायदे है और इसकी पहचान कैसे करे इन सभी के बारे।में विस्तार से जानकारी देने वाले है सो फ्रेंड्स यदि आपको बुलिश हरामी के बारे में नही पता या फिर पता भी है और इसमे आप ट्रेड करना चाहते है तो हम आपको बता दे कि बुलिश हरामी में ट्रेड करने से पहले एक बार इस आर्टिकल को पूरा जरूर पड़ ले। इस आर्टिकल को पढ़ने के बाद के आप आसानी से बुलिश हरामी की पहचान करके आसानी से बुलिश हरामी में ट्रेड कर सकेंगे।

बुलिश हरामी क्या है – What Is Bullish Harami – बुलिश हरामी Bullish Harami टेक्निकल analysis कैसे करें हिंदी में पूरी जानकारी 

दोस्तों आपको बता दे कि Bullish Harami Candlestick का ही एक PATTERN है जो कि BULLISH और HARAMI शब्द से मिलकर बना है।आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यहां बुलिश का मतलब तेजी और हरामी harami meaning एक जापानी शब्द है जिसका मतलब एक गर्भवती महिला से जुड़ा होता है।कुछ लोग हरामी को एक गाली समझते है लेकिन आपको बता दे कि यहां Technical analysis की बात कर रहे है जहां हरामी का harami meaning in englis कैंडल सटीक से जुड़ा होता है। यहां हरामी का मतलब गाली बिल्कुल भी ना समझे इसके साथ ही आपको बता दे कि बुलिश हरामी का नाम जापान के लोगों ने एक गर्भवती महिला ( Pregnant woman )के ऊपर रखा है। क्यो रखा चलिये ये भी जान लेते है bullish harami pattern नाम गर्भवती महिला के ऊपर इसलिए रखा गया है क्योंकि candlestick chart में जिस तरह से गर्व में जिस स्थिति में बच्चा होता है बैसे ही यहां चार्ट पे देखने को मिलता है। बुलिश हरामी को हम अपने आसान शब्दों मे कहे तो बुलिश हरामी तेजी को प्रदर्शित करने वाला कैंडल सटीक पैटर्न है। जिसका मतलब यह कि मार्किट में किसी भी वस्तु का मंदी का समय खत्म हो चुका है और और अब महँगाई या कहे तेजी की शुरुआत हो चुकी है। BULLISH HARAMI CANDLESTICK PATTERN से मिलकर बनता है जिसमे पहली Red Candle मंदी की कैंडल होती जो कि लाल रंग की होती है। और २ण्ड कैंडल small bullish या कहे छोटी बुलिश कैंडल होती है जिसका COLOR हरा होता है। आपकी बेहतर जानकारी के लिये बता दे कि बुलिश हरामी कैंडल स्टिक पैटर्न में पहली कैंडल का नाम माँ और दूसरी कैंडल का नाम बच्चा होता है। बता दे कि पैटर्न हमेशा चार्ट में लंबी गिरावट के बाद देखने को मिलता है DOWNTREND में । जब यह कैंडल चार्ट में बनता है तब मार्किट में मंदी की सम्भावना कम हो जाती है- Bullish Harami Candlestick Pattern Analysis kaise kare Hindi

बुलिश हरामी कैंडल कैसे बनता है

दोस्तों जब चार्ट में बुलिश कैंडल बनती तब इसमे जो पहली कैंडल होती है वो लंबी मंदी की कैंडल RED CANDLE होनी चाहिए और जो दूसरी कैंडल होती है वो पहली कैंडल के CLOSE PRICE के बराबर या फिर GAP UP होना चाहिए। यह फिर हम कहे सकते है कि यह कैंडल ज्यादा तेजी के साथ खुलना चहिये, इसके साथ ही पहली कैंडल के बीच मे ही ट्रेड करनी चाहिये। और जब कैंडल क्लोस हो तब यह कैंडल पहले कैंडल के OPEN PRICE या फिर उससे कम प्राइस पर बन्द होना चाहिए। यदि हम इसे अपने सरल और आसान शब्दों मे समझे तो दूसरी कैंडल है वह हमेशा पहली कैंडल के बीच मे ही हो और अगर दूसरी कैंडल बिल्कुल छोटी हो तो यह कैंडल स्टिक पैटर्न बहुत अच्छा तरह काम करेगा और आपको इसका फायदा देखने को मिलेगा।

दोस्तों आपको यह एक महत्वपूर्ण का विशेष ध्यान रखना है वो यह है कि जो दूसरी कैंडल है पहली कैंडल के ओपन प्राइस के और क्लोस प्राइस बीच में ही हो यह फिर हम यह कहे सकते है कि छोटी तेजी कैंडल होना चाहिये।आपको बता दे कि bullish harami candle stick pattern में वॉल्यूम का भी अधिक महत्व होता है। चलिये जानते है बुलिश हरामी पैटर्न में जो पहली कैंडल का वॉल्यूम होता है तो उससे अधिक उसकी दूसरी कैंडल में होना चाहिए। यह हम कहे सकते है कि बुलिश हरामी कैंडल स्टिक पैटर्न में दोनों कैंडल का volume बढ़ते क्रम में होना चाहिए। लेकिन अक्सर ऐसा देखा जाता है कि वॉल्यूम अगर घटते क्रम हो तब भी बुलिश हरामी कैंडल स्टिक पैटर्न अच्छा परिणाम दे देता है। मतलब की हम कहे सकते है कि मार्किट में अच्छी तेजी आ जाती है इसके अलावा दोस्तो हम आपको बता दे बुलिस हरामी आपको चार्ट में दो तरीके से देखने को मिलेंगे यह दोनों कैंडल एक ही तरह सें काम करते है। बुलिश हरामी पैटर्न आपको हर बाजार में बनने वाला है पैटर्न है जो हर बाजार में पाया जाता है। Bullish Harami Candlestick Pattern Analysis kaise kare Hindi

बुलिश हरामी Bullish Harami को कैसे पहचाने ?

दोस्तों अब हम बुलिश हरामी क्या है यह कैसे बनता इसके बारे में ऊपर जान ही चुके है चलिये अब बुलिश हरामी को हम कैसे पहचान कर सकते है इसके बारे में थोड़ा विस्तार से जानते है-

बुलिश हरामी कैंडल सिंग्नल चार्ट में दो पैटर्न होते है जो एक-एक दिन के टाइम बनते है। मतलब यहां आपको दो कैंडल स्टिक है जो एक लंबी और छोटी कैंडल बनता है। यहां आप जो छोटा कैंडल है पहले कैंडल के बॉडी के बिच कॉलेड होना चाहिए। इन दोनों कैंडल के कलर अलग अलग होना चाहिए मतलब की एक candle green और दूसरा रेड होना चाहिए। यह जो कैंडल है वो दिखने में ऐसे लगने चाहिए जैसे के यह दोनों में आ जायेगा। मतलब की जो पहला कैंडल है वह लांग कैडल होगा जो कि पूरा इंगलव होगा छोटे ग्रीन कैंडल जिन्हें हम बुलिश कैंडल कहएँगे इनकी भी अपनी कुछ विशेताये होती है जो निम्लखित है- Bullish Harami Candlestick Pattern Analysis kaise kare Hindi

  • बुलिश हरामी पैटर्न का दूसरा कैंडल ग्रीन होना चाहिए।
  • दूसरा जो कैंडल है वह पहली कैंडल के बीच मे ही ट्रेड करनी चाहिये
  • बुलिश हरामी पैटर्न बनने से पहले स्टॉक down trend रहना चाहिए।

बुलिश हरामी Bullish Harami के फायदे

market में bullish harami के कुछ फायदे भी होते है जो आपको काफी मुनाफ़ा दे सकते है आपको भी बुलिश हरामी फायदों के बारे में जान लेना चाहिए तो चलिए जानते है-

  • कैंडल स्टिक पैटर्न की मदद से ट्रेडर किसी भी ट्रेड पहले हम अपना एक view पॉइंट बना सकते है की कब ट्रेड लेना या कब नही लेना है।
  • कैंडल स्टिक मार्किट में एक सिग्नल देता है जिसमे कब आपको कब स्टोप लॉस लगाना इन सबका आसानी से समझ आ जाता है यह बुलिश कैंडल का सबसे बड़ा फायदा है।

बुलिश हरामी Bullish Harami कैंडल में ट्रेड कैसे करे ?

बुलिश हरामी हर बाजार में बनने बाल सबसे अच्छा कैंडल है कोई भी bazar हो यह सभी मे देखने को ज़रूर मिलता है।आपको बता दे कि जब यह कैंडल स्टिक चार्ट पैटर्न बनता है उसके उसके अगले दिन या कुछ दिन बाद कई भाव अच्छी तेजी के साथ बड़ते है। जब ऐसा होता है तब यह आपके लिए ट्रेड करने का सबसे अच्छा मौका Confirmation होता है। बुलिश हरामी कैंडल स्टिक पैटर्न आपको daily chart ,monthly chart आदि चार्ट में देखने को मिल सकता है। यह candle pattern इन सभी चार्ट में काफी अच्छी तरह से काम करता है।बता दे कि इस कैंडल सटीक कैंडल बनने के बाद मार्किट में बयर्स हावी हो जाते या हम कहे कि इसके बनने के बाद बयर्स कि संख्या ज्यादा बड़ जाती है। यदि आप इस समय पर intaday ट्रेडिंग करते है तो आप 10 से 15 मिनट की time frame में देखे यदि आप ऐसा करते है तो इससे अच्छी तरह से मुनाफ़ा कमा सकते है।और यदि वही आप positional trading करते है तो आप इसे डेली चार्ट और weekly chart में देखे तो आप इससे ज्यादा मुनाफ़ा कमा सकते है। Bullish Harami Candlestick Pattern Analysis kaise kare Hindi

बुलिश हरामी Bullish Harami Pattern Buying trading सेटअप 

आशा करता हूँ कि आपको ऊपर बुलिश हरामी के बारे में दी गयी सभी जानकारी समझ आ गयी होगी और उपयोगी भी रही होगी चलिये अब बुलिश हरामी buy set up के बारे में बात कर लेते है तो दोस्तों हम आपको बता दी कि यहां आप तकनीक से buy कर सकते है।जो निम्लिखित है-

  1. पहला तकनीक बुलिश हरामी पैटर्न बनते ही तुरंत ट्रेड करना मतलब की अपनी Buying पोजीशन को इनीसेट करना या फिर हमे जी अपनी buying confirmation trade करना।
  2. दूसरा तकनीक यह होता है कि बुलिश हरामी पैटर्न बनने के बाद double confirmation में ट्रेड करना मतलब की अपनी बयिंग पोजीशन इनीसेट करना

बुलिश हरामी तकनीक में BUYING Set Up कैसे कर सकतें है

हमने ऊपर बुलिश हरामी सेट तकनीक के बारे में जाना कि कौन सी तकनीक होती है जिनमे में अपनी buying position सेटअप कर सकते है। और अब यहां हम जानेंगे कि इन दोनों तकनीक में हम कैसे बयिंग कर सकते है तो इसके बारे में आपकी बेहतर जानकारी के लिए विस्तार से जान लेते है।

पहला यदि आप risky trade करते है मतलब की ज्यादा मुनाफ़े के साथ मार्किट में ट्रेड करने के बारे में सोचते है तो बुलिश हरामी पैटर्न जैसे बनता है वो ऐसे बनते है जैसे कि पहला कैंडल बियारिश और दूसरा कैंडल बुलिश तो जो सेकंड कैंडल बुलिश कैंडल है उसका जो high price है आप उसके ऊपर buy कर सकते है। जानकारी के लिए बता दे कि यदि आप हाई प्राइस में buy करते है तो स्टॉप लोस्स STOP-LOSS बुलिश कैंडल के LOW PRICE पर रहेगा। या फिर जो पहला जो कि RED CANDLE है उसके लोव प्राइस पर रहेगा। मतलब की यहां आपको पास 2 OPTION है पहला रेड कैंडल के लोव प्राइस या बुलिश कैंडल के लोव प्राइस और आप बयिंग पोजीशन एक्सेक्यूटे करेंगे बुलिश कैंडल के हाई प्राइस के ऊपर।

दूसरा यदि आप SAFE TRADE करना चाहते है तो आपको यह इस तरह से करना है जैसे कि जब बुलिश हरामी पैटर्न बन गया फिर उसके बाद सेकंड कैंडल है वह बुलिश कैंडल होना जरूरी है। बुलिश हरामी पैटर्न में ये होता है कि पहला कैंडल रेड होता है और second candle bullish होता है। जिसके बारे में हम ऊपर भी technical strategy discussion कर चुके है। अब यहां आपको trade करने के लिय जो तीसरा कैंडल है वह भी बुलिश होना जरूरी है। क्योकि यहां जो third candle होता है तो यहां आपको डबल कन्फर्मेशन मिल जाता है कि जो रेली है वह अपट्रेंड में है और अपट्रेंड ही जा सकता है। यहां जो थर्ड कैंडल है जो कि बुलिश है उसके ऊपर आप buy करोगो और २ण्ड कैंडल पर जो आपका स्टॉप लोस्स रहेगा वह ससेकंड कैडले के बुलिश के लोव प्राइस पर रहेगा। और target price को अपने अनुसार लेकर चल सकते है यदि आप ऐसा करते है तो आप अग्रेसिव और फ्लेक्सिबल टारगेट दोनो में ही मुनाफ़ा बुक कर सकते है।

रिस्की ट्रेडर रिस्की ट्रेडर बुलिश हरामी बनते ही २ण्ड कैंडल के ऊपर बुय कर सकते हैं और स्टॉप लोस्स रहेगा १स्ट कैंडल की लौ प्राइस

सेफ ट्रेडर सेफ ट्रेडर बुलिश हरामी बनने के बाद और एक  अगर होता हैं तो उसी कैंडल की हाई के ऊपर बुय कर सकते हैं और स्टॉप लोस्स रहेगा २ण्ड कैंडल की लौ प्राइस अर्थात पिछले कैंडल की लौ प्राइस।

निष्कर्ष

दोस्तों आज के इस आर्टिकल में हमने बुलिश हरामी क्या है इसकी पहचान कैसे और इसमे ट्रेड कैसे करे इन सभी के बारे में विस्तार से जाना। मुझे उम्मीद है कि आज के इस आर्टिकल में आपको BULLISH HARAMI के बारे में दी गयी जानकारी उपयोग साबित हुई होगी यदि आज के इस आर्टिकल में आपको बुलिश हरामी क्या है इसकी पहचान कैसे इसके बारे में कुछ भी समझ नही आया हो या फिर आप बुलिश हरामी के बारे में और कुछ जानना चाहते है तो आप हमें COMMENT करके पूछ सकते है हमारी टीम आपके साथ जल्द जुड़कर आपके सवालों के जबाब देने की पूरी कोशिश करेगी। Bullish Harami Candlestick Pattern Analysis kaise kare Hindi

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